You are here:

स्वायत्त शासन विभाग में आईटी कैडर के वर्तमान पदों के अतिरिक्त नवीन पद सृजन के संबंध में माननीय मंत्री महोदय से मुलाकात

udh_min

आईटी संवर्ग में 2885 नवीन पदों के सृजन की मांग को लेकर राजस्थान आईटी कर्मचारी संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता श्री मनीष फगेडिया की नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्यमंत्री श्री झाबर सिंह जी खर्रा से मुलाकात

राजस्थान आईटी कर्मचारी संघ द्वारा राज्य में आईटी संवर्ग को सुदृढ़ करने एवं कर्मचारियों की दीर्घकालिक समस्याओं के समाधान हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्थान आईटी कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता मनीष फगेडिया ने नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग में आईटी संवर्ग के समस्त केडर के लिए नवीन पदों के सृजन को लेकर माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा से मुलाकात की गई।

इस दौरान संघ की ओर से विभाग में आईटी कार्यों के बढ़ते दायित्व, डिजिटल सेवाओं के विस्तार, ई-गवर्नेंस योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा वर्तमान मानव संसाधन की कमी को रेखांकित करते हुए 2885 नवीन पदों के सृजन की आवश्यकता को स्पष्ट किया गया। प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता मनीष फगेडिया द्वारा माननीय मंत्री महोदय को एक तथ्यात्मक रिपोर्ट सहित विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें वर्तमान पद संरचना, कार्यभार, परियोजनाओं की संख्या एवं भविष्य की आवश्यकताओं का उल्लेख किया गया।

मुलाकात के दौरान यह भी बताया गया कि नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग में डिजिटल प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन सेवाओं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं तथा नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के कारण आईटी कार्मिकों पर कार्य का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में नए पदों का सृजन न केवल विभागीय कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि सेवाओं की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगा।

राजस्थान आईटी कर्मचारी संघ ने यह भी स्पष्ट किया कि संघ द्वारा लगातार विभिन्न विभागों में आईटी संवर्ग के नवीन पदों के सृजन हेतु प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आईटी कार्मिकों को अपने गृह जिले को छोड़कर अन्य स्थानों पर कार्य करने की मजबूरी न हो। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, कार्य संतुष्टि में सुधार होगा और विभागीय कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।

स्वायत्त शासन विभागTDADSA (JD)ACP (DD)PRGAPIATOTAL
वर्तमान में स्वीकृत पद001810103160
नवीन पदों के सृजन की आवश्यकता1106336986315882885
नवीन पदों के सृजन के बादकुल पद1117137987316192945