राजस्थान में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आज राजस्थान आईटी कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के नेतृत्व में सूचना सहायक एवं सहायक प्रोग्रामरों से संबंधित वेतन विसंगतियों एवं अन्य न्यायोचित मांगों के निराकरण हेतु राज्य सरकार के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने हेतु संघ के प्रदेश अध्यक्षसुभाष यादव के नेतृत्व में माननीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्रीकर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से उनके जयपुर स्थित उनके निवास स्थान पर मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रदेश महामंत्रीप्रशान्त शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्तामनीष फगेड़िया, जोधपुर जिलाध्यक्षबृजराज सिंह, मुकेश चौधरी एवम् अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रदेश महामंत्री प्रशान्त शर्मा ने अपने बताया कि “प्रदेश सरकार द्वारा परिकल्पित डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को साकार करने में राज्य का आईटी कैडर पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य कर रहा है। सूचना सहायक एवं सहायक प्रोग्रामर राज्य की समस्त ई-गवर्नेंस योजनाओं को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और अधिकांश योजनाओं को शत-प्रतिशत सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।”
वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता मनीष फगेड़िया ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल द्वारा माननीय मंत्री महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कुल 11 सूत्रीय मांग पत्र शामिल था। इन मांगों में प्रमुख रूप से वेतन विसंगतियों का निराकरण, पदोन्नति एवम् स्थानान्तरण से जुड़े मुद्दे, तथा आईटी कैडर के कार्मिकों के कार्य के अनुरूप सम्मानजनक सुविधाएँ प्रदान करने की मांग की गई।
माननीय मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने प्रतिनिधिमंडल की प्रत्येक मांग को गंभीरता से सुना और विस्तारपूर्वक चर्चा की। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार आईटी कैडर की भूमिका को भली-भांति समझती है तथा प्रस्तुत मांगों पर सकारात्मक एवं यथाशीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। इस मुलाकात को आईटी कर्मचारियों की वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संघ ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में सरकार द्वारा ठोस निर्णय लेकर आईटी कार्मिकों को न्याय मिलेगा।



